सोनौली बॉर्डर (महराजगंज)।
भारत और नेपाल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सोनौली अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले 'नो-मैंस लैंड' (No Man's Land) क्षेत्र को अवैध पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया गया है। सीमा के इस प्रतिबंधित हिस्से पर दर्जनों डग्गामार वाहनों और चार पहिया गाड़ियों को एक लंबी कतार (लाइन) में पार्क किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब सुरक्षा एजेंसियों (SSB) और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हो रहा है।
मुख्य सीमा गेट से बस स्टेशन तक कब्जा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनौली मुख्य सीमा गेट से लेकर रोडवेज बस स्टेशन तक लगभग 500 मीटर के दायरे में डग्गामार वाहनों का राज है। नेपाल से आने वाले यात्रियों को बैठाने की होड़ में वाहन चालक अपनी गाड़ियां सीधे नो-मैंस लैंड पर लाकर खड़ी कर देते हैं। नगरपालिका द्वारा आधिकारिक पार्किंग स्थल बनाए जाने के बावजूद, ठेके के शुल्क से बचने और सवारियां हथियाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रख दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था और घुसपैठ का बढ़ा खतरा
सोनौली बॉर्डर एक अंतरराष्ट्रीय संवेदनशील इलाका है। नियमों के मुताबिक, नो-मैंस लैंड पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या वाहनों को खड़ा करना पूरी तरह वर्जित है। इस तरह बेतरतीब ढंग से गाड़ियों की लाइनें लगने से:
1. घुसपैठ का खतरा: वाहनों की आड़ में राष्ट्रविरोधी तत्वों या संदिग्धों की अवैध एंट्री की आशंका बढ़ गई है।
2. चोरी की घटनाएं: पूर्व में भी नो-मैंस लैंड पर लावारिस छोड़े गए वाहनों के लॉक तोड़कर गाड़ियां और कीमती सामान चोरी होने के मामले दर्ज हो चुके हैं।
3. भीषण जाम की स्थिति: वर्तमान में वैसे भी नेपाल में आई बाढ़ और सड़कों की खराबी के कारण सोनौली बॉर्डर पर मालवाहक ट्रकों का 15 किलोमीटर से लंबा जाम लगा हुआ है। ऐसे में इन डग्गामार वाहनों की अवैध कतारें यातायात को और अधिक प्रभावित कर रही हैं।