सोनौली बॉर्डर के एसएसबी रोड पर अवैध पार्किंग का कब्जा, त्रिवेणी कतरा के कपड़ा और कॉस्मेटिक दुकानदारों के स्टाफ और नेपाली ग्राहकों से लगता है भारी जाम, गरीब सब्जी विक्रेताओं की रोजी-रोटी छीनी

 





सोनौली / महाराजगंज (भारत-नेपाल सीमा)

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध व्यापारिक कस्बे सोनौली के एसएसबी रोड पर इन दिनों गंभीर ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है। सड़क पर त्रिवेणी कतरा के कपड़ा और कॉस्मेटिक दुकानदारों द्वारा बनाई गई अवैध पार्किंग के कारण आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस अव्यवस्था की सबसे बड़ी मार उन गरीब ग्रामीण सब्जी विक्रेताओं पर पड़ी है, जो कभी यहां अपनी दुकान लगाकर परिवार का पेट पालते थे।

कपड़ा और कॉस्मेटिक दुकानदारों के स्टाफ और नेपाली ग्राहकों का कब्जा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोनौली के प्रसिद्ध त्रिवेणी कतरा में बड़े पैमाने पर कपड़ा और कॉस्मेटिक (सौंदर्य प्रसाधन) की दुकानें हैं। इन दुकानों के मालिक और वहां काम करने वाले स्टाफ व कर्मचारी सुबह से ही अपनी मोटरसाइकिलें सड़क के किनारे खड़ी कर देते हैं। इसके अलावा, नेपाल से भारी मात्रा में कपड़े और कॉस्मेटिक का सामान खरीदने आने वाले सैकड़ों ग्राहक भी अपनी गाड़ियां इसी एसएसबी रोड पर पार्क कर रहे हैं। इन दुकानदारों ने सड़क को ही अपने शोरूम की परमानेंट पार्किंग स्थल बना लिया है, जिसके चलते पूरी सड़क हर समय सैकड़ों बाइकों से पटी रहती है।

उजाड़ दी गई गरीबों की रोजी-रोटी

इस पूरे मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि जहां आज इन रसूखदार दुकानदारों और ग्राहकों की चमचमाती मोटरसाइकिलें कतार में खड़ी हैं, वहां पहले आस-पास के गांवों से आने वाले गरीब किसान और छोटे दुकानदार अपनी ताजी सब्जियां बेचते थे। सड़क पर बढ़ते इस दबंगई वाले अतिक्रमण के कारण प्रशासन और दुकानदारों ने इन गरीब सब्जी विक्रेताओं को वहां से खदेड़ दिया है। गांव से आकर मेहनत-मजदूरी करने वाले इन लोगों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां बड़े व्यापारियों की गाड़ियों के लिए सड़क को पार्किंग बना दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के पेट पर लात मारी गई है।

स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

व्यापारियों और दुकानदारों के इस मनमाने रवैये से सोनौली के नागरिकों में भारी आक्रोश है। जनता का सवाल है कि नगर पंचायत सोनौली और स्थानीय पुलिस प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे क्यों बैठा है? क्या बड़े दुकानदारों के मुनाफे और उनकी पार्किंग के लिए गरीबों की आजीविका को उजाड़ना जायज है?
स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि एसएसबी रोड को तत्काल 'नो पार्किंग जोन' घोषित किया जाए, अवैध रूप से खड़ी होने वाली गाड़ियों का चालान काटा जाए और त्रिवेणी कतरा के कपड़ा व कॉस्मेटिक दुकानदारों को अपनी पार्किंग की व्यवस्था खुद के परिसर में करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि सड़क खाली हो सके और गरीब सब्जी वालों को उनका हक वापस मिल सके।

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